उन्नतशील खेती के तरीके

  1. जलवायु के अनुसार फसलो का चयन करना।
  2. उचित मृदा का चयन करना।
  3. फसल चक्र अपनाना ताकि मिट्टी की उर्वरता बनी रहे।द्ध
  4. मिश्रित फसल उगाना ताकि आमदनी लगातार आती रहें |
  5. जैविक खाद का प्रयोग करना, ताकि आर्गेनिक फुड को बढावा मिले|
  6. खेती के साथ-साथ बागवानी का भी प्रसार करना ताकि फल तथा सब्जियों से आय बढें और साथ साथ पर्यावरण और पारिस्थितिक तंत्र (Ecosystem)सुरिक्षित रहें।
  7. खेती के साथ-साथ मधुमक्खी पालन करना ताकि आय बढें।
  8. खेती के साथ मछली पालन को बढावा देना।
  9. फसल की बुआई से पहले मृदा की जांच करवाए ताकि मृदा में अनुपस्थित पोषक तत्वो तथा उनकी मात्रा का पता लगे जिससे हम अनावश्यक पोषक तत्वों कों मृदा में प्रयोग करने से बचेंगे और खर्च कम आएगा।
  10. बुआई से पहले खेत तैयार करना।
  11. खर पतवार निकालना।
  12. उन्नतिशील बीज का प्रयोग।
  13. रोग प्रतिरोधक बीज का प्रयोग।
  14. बुआई से पहले बीज शोधन।
  15. आधुनिक कृषि यंत्रों का प्रयोग ।
  16. उचित समय पर फसल की बुआई करना।
  17. उचित मात्रा में बीज बोना।
  18. NPK, Nitrogen, Phasphoros और Potash का प्रयोग करना।
  19. जरूरत के अनुसार सिचाई करना।
  20. खर पतवार नियंत्रण करना।
  21. कीटों का नियंत्रण करना।
  22. फसल को रोग लगने से बचाने के लिये रसायन का प्रयोग करना।
  23. फसल का समय पर कटाई करना।
  24. फसल का मडाई Thresteeing करना।
  25. अनाज को सुखाना
  26. अनाज का भण्डारन करना।
  27. अनाज को उचित समय पर बेचना।
  28. अनाज को उपभोक्ता तक डायरेक्ट बेचना ताकि ज्यादा फायदा मिलें।
  29. कैश क्राप गन्ना फल सब्जी गुलाब, गेंदा आदि उगाना
  30. आयुर्वेदिक पौधों को उगाना जिससे आय कई गुना बढ़ें । जैसे- नीबू, आवला, एलोवेरा, मूरेठी, अश्वगंधा इत्यादि।
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किसान मित्र एफ पी ओ फॉर्मर प्रोड्यूसर कंपनी गोरखपुर, उत्तर प्रदेश (कारपोरेट कार्य मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त उपक्रम) दो गज की दूरी बहुत जरूरी ,नोज मास्क लगाये अपने आप को सुरक्षित रखे ,दुसरो को भी सुरक्षित रखे